इन्कम टैक्स कैसे बचाएं ? : Save INCOME TAX in Hindi

Save INCOME TAX in Hindi

Save INCOME TAX in Hindi- FY 2023-24, यानी financial year 2023-24 ख़त्म होने में अब केवल 1 महीने का ही समय बचा है, और इस financial year के दौरान हुई आय पर इन्कम टैक्स, यानी आयकर तो आपको देना ही है।  सालभर की कमाई पर दिए गए टैक्स का लेखाजोखा(Statement of account), यानी ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) तो आप जुलाई, 2024 तक ही फ़ाइल करेंगे, लेकिन इन्कम टैक्स 31 मार्च, 2024 से पहले ही चुकाना पड़ेगा। 

यदि आप 31 मार्च के बाद में ITR देते है तो आपको  ITR फ़ाइलिंग के समय  ब्याज और जुर्माना देना होगा। कई लोग इनकम टैक्स को बचने के कई तरीके के बारे में गूगल पर सर्च करते है लेकिन फिर भी वो अपना टैक्स बचा नहीं पाते है इसलिए आज हम आपको ऐसे टॉप 10 तरीके के बारे में बता रहे हैं जिनकी सहायता से काफी इन्कम टैक्स बचाया जा सकता है।

इन्कम टैक्स, बचाने के TOP 10 टिप्स (Save INCOME TAX in Hindi)

1. Section of Income Tax Act 80C के तहत बचत करें :- (Save INCOME TAX in Hindi)

इन्कम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत salary में से कटने वाला आपका provident fund, 80CCC के तहत पेंशन फंड में जमा कराई गई राशि, जीवन बीमा पॉलिसी (life insurance policy) का जमा करवाया प्रीमियम, NSC, यानी राष्ट्रीय बचत पत्र (national savings certificate) में किया गया निवेश (Investment), पुराने NSC का Accrued ब्याज, PPF, यानी पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (Public Provident Fund) या लोक भविष्य निधि (public provident fund) में किया गया निवेश (Investment), में छूट मिलती हैं।

इसके साथ ही यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (Unit Linked Insurance Plan), बच्चों की ट्यूशन फीस, 5 साल से अधिक अवधि के फिक्स्ड डिपॉज़िट, इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (Equity Linked Savings Scheme), होम लोन पर चुकाया गया मूलधन (Principal amount), सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) आदि योजनाओं में किए गए निवेश (Investment) पर कुल 1,50,000 रुपये की छूट दी जाती है। (Save INCOME TAX in Hindi)

इन योजनाओं में निवेशित रकम (invested amount) में से 1,50,000 रुपये तक की राशि को आपकी करयोग्य आय (tax income) में से घटा दिया जाता है। 

2. NPS Account खोलें :- (Save INCOME TAX in Hindi)

राष्ट्रीय पेंशन योजना (national pension scheme), यानी NPS में किए गए Investment करने  पर आपको धारा 80सी के तहत मिलने वाली छूट के अलावा 50,000 रुपये की छूट (Section 80CCD1B of Income Tax Act) मिल सकती है। इसलिए यदि आपके पास पर्याप्त रकम (sufficient amount) है, तो इस योजना में निवेश (Invest) ज़रूर करें।  इससे न केवल आप हर साल किए गए निवेश (Invest) पर इन्कम टैक्स बचा सकेंगे, बल्कि रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन भी मिलेगी।

3. हमेशा धारा 80TTA का ध्यान रखे :- (Save INCOME TAX in Hindi)

बहुत-से लोगों को इस बात की जानकारी होती ही नहीं कि बैंकों के बचत खातों में जमा रहने वाली रकम पर मिला ब्याज भी करयोग्य, यानी टैक्सेबल होता है।  और उस पर भी इन्कम टैक्स pay करना पड़ता है।  लेकिन Section of Income Tax Act 80टीटीए के तहत आपको बचत खाते में deposit amount पर मिलने वाले 10,000 रुपये तक के ब्याज पर इन्कम टैक्स में छूट मिलती है। इसका मतलब यह है की  जो भी ब्याज आपको बचत खाते (all savings accounts) से मिलता है, उसमें से 10,000 रुपये के  Amount पर आप टैक्स में discount ले सकते हैं।  (Save INCOME TAX in Hindi)

यानी इसे अपनी टैक्सेबल इन्कम में से घटा सकते हैं। लेकिन यह हमेशा ध्यान में रहे कि फिक्स्ड डिपॉज़िट या रिकरिंग डिपॉज़िट पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री नहीं होता है।  

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4. होम लोन पर paid interest या मकान किराया भत्ते (house rent allowances पर discount :- (Save INCOME TAX in Hindi)

बहुत-से job करने वाले लोग घर खरीदते हैं, तो होम लोन ले लेते हैं, जिसकी EMI उनको लगातार चुकानी पड़ती है। उस EMI में बैंक को दी गई ब्याज की रकम में से 2,00,000 रुपये सालाना तक की income पर टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है। यानी आप अपनी कुल EMI में जितना ब्याज दे रहे हैं, उसमें से 2,00,000 रुपये का amount tax free है।  इसके आलावा जो लोग job कर रहे है लेकिन अभी तक घर नहीं खरीद पाए हैं, और किराये के मकान में रहते हैं, वे भी मकान किराये की रसीद देकर इन्कम टैक्स में discount ले सकते हैं। (Save INCOME TAX in Hindi)

5. Health insurance premium पर मिलेगी छूट :- (Save INCOME TAX in Hindi)

अगर आप 60 वर्ष से कम आयु के हैं, और अपने लिए, family के लिए या बच्चों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम चुका रहे हैं, तो आपको 25,000 रुपये तक के amount पर इन्कम टैक्स में छूट मिल सकती है, लेकिन इसी के साथ यदि आपके माता-पिता की आयु 60 वर्ष से अधिक है, और आप उनके लिए भी प्रीमियम चुका रहे हैं, तो 50,000 रुपये तक की additional discount भी आप प्राप्त कर  सकते हैं। 

इन्कम टैक्स एक्ट की इसी धारा के तहत अगर आपकी उम्र भी 60 वर्ष से अधिक है, तो आप अपने लिए भी 25,000 रुपये के स्थान पर 50,000 रुपये तक के प्रीमियम पर छूट प्राप्त  कर सकते हैं। (Save INCOME TAX in Hindi)

6. 80DD पर भी मिलता हैं discount :- (Save INCOME TAX in Hindi)

यदि आपके फॅमिली  में कोई दिव्यांग हो और आप उनके इलाज के लिए पैसे दे रहे है  तो उन पर किए गए खर्च पर आप इन्कम टैक्स में छूट प्राप्त  कर सकते हैं। इन मामलों में यदि डिस-एबिलिटी 40 से 80% हो, तो 75,000 रुपये तक की discount मिलता हैं, और यदि डिस-एबिलिटी 80% से ज़्यादा हो, तो उन पर किए गए खर्च की 1,25,000 रुपये की रकम पर income tax discount मिल  सकता हैं।

7. 80DDB पर भी मिलता हैं  income tax exemption :- (Save INCOME TAX in Hindi)

इन्कम टैक्स एक्ट की धारा 80डीडीबी के अंतर्गत उस amount पर टैक्स में छूट दी जाती है, जो family में किसी भी इंसान की बीमारी के उपचार में खर्च की गई हो। इन बीमारी में डिमेन्शिया, एफेसिया, पार्किन्सन्स, कैंसर, एड्स, रीनल फेल्योर, हीमोफिलिया और थैलेसीमिया जैसे रोग शामिल हैं। इस धारा के तहत यदि रोगी  60 वर्ष से कम आयु का है, तो 40,000 रुपये तक की छूट ली जा सकती है, और यदि रोगी 60 वर्ष से अधिक आयु का है, तो 1,00,000 रुपये तक के खर्च को टैक्सेबल इन्कम में से घटाया जा सकता है। (Save INCOME TAX in Hindi)

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8. एजुकेशन लोन के ब्याज (80E) पर भी मिलता है discount :

इन्कम टैक्स एक्ट की धारा 80ई के तहत यदि आप खुद के लिए, या जीवनसाथी के लिए, या फिर अपने बच्चों के लिए  जिनके आप कानूनी अभिभावक (legal guardian) हैं, उनके लिए यदि आप education loan लेते है तो लिये गए  एजुकेशन लोन (for higher studies) पर चुकाए गए ब्याज को करयोग्य आय, यानी taxable income में से घटा दिया जाता है। 

इस धारा, यानी सेक्शन के तहत चुकाए गए ब्याज की entire amount को करमुक्त, यानी टैक्स फ़्री माना जाता है, और इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं होती, लेकिन ध्यान रहे की ब्याज का amount केवल Maximum 8 साल तक के लिए ही tax free होता है, और अगर आप लोन 8 साल से ज़्यादा Duration में चुकाते हैं, तो 8 साल के बाद चुकाए गए ब्याज पर आपको टैक्स में छूट नहीं मिलेगी।  और हां, अगर लोन 8 साल से कम अवधि में pay कर दिया जाता है, तब भी बाद के सालों में इसके तहत कोई छूट नहीं दी जाएगी। (Save INCOME TAX in Hindi)

9. अपने लिए सही tax system चुनें :– (Save INCOME TAX in Hindi)

पिछले तीन-चार साल से इन्कम टैक्स कैलकुलेट करने और चुकाने के लिए दो-दो व्यवस्थाएं available हैं, जिन्हें पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) कहा जाता है।  पुरानी कर व्यवस्था में ये सभी छूट दी जाती हैं, लेकिन टैक्स स्लैब, यानी इनकम टैक्स की दरें (income tax rates) कुछ ज़्यादा होती हैं।  नई कर व्यवस्था में अधिकतर छूट नहीं दी जाती हैं, लेकिन टैक्स की दरें (income tax rates) काफी कम होती हैं। 

इसलिए बहुत ही आराम से सोच समझ कर confirm करे की – आपकी बचत कितनी है, कुल कितनी छूट आपको मिल सकती है, और discount प्राप्त करने पर पुरानी व्यवस्था में बने रहना है या बिना discount  नई व्यवस्था के तहत tax pay करना है और इन दोनों में से किसमें आपको ज़्यादा लाभ होगा।

10. समय पर ही  ITR भरे:- (Save INCOME TAX in Hindi)

हर financial year में हुई कमाई पर टैक्स pay करने के बाद Income tax department को  अपने accounting book  shared करना पड़ता है, जिसे इन्कम टैक्स रिटर्न (ITR) filed करना कहते हैं। 

31 मार्च को खत्म होने वाले वित्तवर्ष (financial year) के लिए उसी साल 31 जुलाई तक ITR filed करनी होती है, लेकिन इस date को कभी-कभी आगे बढ़ा भी दिया जाता है।  लेकिन हमेशा यह ध्यान रहे की यदि आपकी कोई tax liability कुछ टाइम बाद  सामने आती है, और टैक्स के उस अमाउंट  को आपने 31 मार्च से पहले जमा नहीं करवाया था, तो उस amount पर आपको ब्याज भी देना पड़ता है, और इसके साथ कुछ जुर्माना भी देना होता हैं। (Save INCOME TAX in Hindi)

इसके अलावा, fixed date के बाद ITR भरने पर भी heavy fine वसूल किया जाता है, जिससे आपको निश्चित रूप से दिक्कत होगी।  इसलिए  हमेशा यही बेहतर होता है, की 31 मार्च से पहले ही हिसाब-किताब (accounting book) कर अंदाज़ा लगा लें कि आपको कितना tax pay करना है, और उस पर self assessment tax भी 31 मार्च से पहले जमा करवा दें। 

ताकि ब्याज और जुर्माने से बचा जा सके, और इन्कम टैक्स रिटर्न भी समय से, यानी 31 जुलाई से पहले ही जमा कर दें, ताकि आपके tax amount पर कोई भी पेनेल्टी नहीं लगे।

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